Neel Saraswati Stotram PDF | नील सरस्वती स्तोत्र अर्थ सहित 

Neel Saraswati Stotram PDF: Hello Friends , इस पोस्ट में आपका स्वागत है जहां से आप फ्री में  Neel Saraswati Stotram PDF download कर पायंगे और इसका पूरा हिंदी में अर्थ भी दिया गया हे । यह से आप Neel Saraswati Stotram PDF बड़ी आसानी से डाउनलोड कर पायेंगे और साथ ही यह आपको Neel Saraswati Stotram lyrics भी मिल जायेंगे।  इसके साथ ही इस ब्लॉग पोस्ट में हमने Neel Saraswati Stotram से होने वाले लाभों के बारे में भी बात की हे और इसके बारे में पूरी जानकारी प्रदान की हे।  

नील सरस्वती माँ सरस्वती के रूपों में से एक है और लंबे समय से इन्हे धन, सुख और समृद्धि लाने वाली देवी के रूप में माना जाता है। पुराणों के अनुसार नील सरस्वती की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है। देवी सरस्वती को समर्पित नील Neel Saraswati Stotram पाठ करने से अविश्वसनीय ज्ञान प्राप्त होता है।

Neel Saraswati Stotram PDF download

निचे दिए गए डाउनलोड लिंक पर क्लिक करके आप बड़ी आसानी से Neel Saraswati Stotram PDF को download कर सकते हे।  इस पीडीऍफ़ में आपको Neel Saraswati Stotram अर्थ सहित दिया गया जिस से आपको इसे समझने में बड़ी आसानी होगी।  

नील सरस्वती स्तोत्र Neel Saraswati Stotram Lyrics

घोररूपे महारावे सर्वशत्रुभयङ्करि 

भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम् I१I
 
ॐ सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते I
जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम् I२I
 
जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि I
द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम् I३I
 
सौम्यक्रोधधरे रूपे चण्डरूपे नमोस्तुते I
सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम् I४I
 
जडानां जडतां हन्ति भक्तानां भक्तवत्सला I
मूढतां हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम् I५I
 
वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नमः I
उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम् I ६I
 
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे I
मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम् I७I
 
इन्द्रादिविलसद्द्वन्द्ववन्दिते करुणामयि I
तारे ताराधिनाथास्ये त्राहि मां शरणागतम् I८I
 
अष्टम्यां च चतुर्दश्यां नवम्यां यः पठेन्नरः I
षण्मासैः सिद्धिमाप्नोति नात्र कार्या विचारणा I९I
 
मोक्षार्थी लभते मोक्षं धनार्थी लभते धनम् I
विद्यार्थी लभते विद्यां तर्कव्याकरणादिकम् I१०I
 
इदं स्तोत्रं पठेद्यस्तु सततं श्रद्धयाSन्वितः I
तस्य शत्रुः क्षयं याति महाप्रज्ञा प्रजायते I११I
 
पीडायां वापि संग्रामे जाड्ये दाने तथा भये I
य इदं पठति स्तोत्रं शुभं तस्य न संशयः I१२I
 
इति प्रणम्य स्तुत्वा च योनिमुद्रां प्रदर्शयेत् I१३I
 
!! इति नील सरस्वती स्तोत्रं संपूर्णं !!
 

Neel saraswati Stotram Benefits

  • प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में अपने शत्रुओं का सामना करना पड़ता हे , कभी प्रत्यक्ष रूप से और कभी अप्रत्यक्ष रूप से। ये हमले व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से हो सकते हैं और हमें निराश और परेशान कर सकते हैं। अगर हम इन परेशानियो से छुटकारा पाना चाहते हैं और संघर्ष और अन्याय से मुक्त जीवन जीना चाहते हैं, Neel Saraswati Stotram का पाठ करने से आपको बहुत मदद मिल सकती है
  • यदि आपके शत्रु ने आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं तो नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करने से मदद जरूर मिलेगी । इस मंत्र में शक्तिशाली प्रार्थनाएँ हैं जो आपके प्रतिद्वंद्वी का नाश करने में सक्षम हैं!
  • जो छात्र अपनी सभी परीक्षाओं में अच्छा परिणाम प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें इस स्तोत्र का जाप जरूर करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें चुनौतियों का डटकर सामना करने और रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को दूर करने के लिए ज्ञान प्रदान करता हे । नील सरस्वती स्तोत्र हमें अपने विरोधियों को परास्त करना सिखाता है। इसकी शिक्षाओं से हम उन पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।
  • Neel Saraswati Stotram का जाप करने से ऐसा माना जाता है कि देवी मां अपने भगतो पर असीम कृपा करती हैं और उन्हें किसी भी दुर्भाग्य से बचाती हैं, साथ ही उनके सभी कार्यो में सफलता प्रदान करती हैं। Neel Saraswati Stotram मंत्र किसी की याददाश्त, समझने की शक्ति, रचनात्मकता और संचार क्षमताओं को बढ़ाता है।
  • इस स्तोत्र का नियमित रूप से जाप करने से बच्चों का दिमाग तेज होता हे और साथ ही अध्ययन प्रणाली में सुधार के साथ साथ स्वास्थ्य और शैक्षणिक लाभ मिलते हैं। इसका अभ्यास करने वाले ज्योतिषी अधिक सटीक भविष्यवाणियाँ कर सकते हैं। अगर आप विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की तैयारी कर रहे हे तो इस मंत्र का जप जरूर करे।  

नील सरस्वती स्तोत्र कब पढ़ना चाइये ?

अष्टमी, नवमी और चतुर्दशी के दिन नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करना बहुत फायदेमंद होता है – Neel Saraswati Stotram पाठ करने से समस्त शत्रुओ का नास हो जाता हे।  

नीला सरस्वती मंत्र क्या है?

नील सरस्वती माँ सरस्वती के रूपों में से एक है और लंबे समय से इन्हे धन, सुख और समृद्धि लाने वाली देवी के रूप में माना जाता है। पुराणों के अनुसार नील सरस्वती की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है। देवी सरस्वती को समर्पित नील Neel Saraswati Stotram पाठ करने से अविश्वसनीय ज्ञान प्राप्त होता है।

नील सरस्वती कौन है?

माना  जाता है कि भगवान शिव ने देवी पार्वती को धन-संपन्न की अधिष्ठात्री देवी की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद, माता पार्वती के सरीर से तेज उत्पन हुआ और और इस तेज के कारण जिस कन्या शक्ति का जन्म हुआ उसका रंग नीला पड़ गया और उन्हें नील सरस्वती के नाम से जाना जाने लगा।

सरस्वती और नील सरस्वती में क्या अंतर है?

नील सरस्वती माँ सरस्वती के रूपों में से एक है और लंबे समय से इन्हे धन, सुख और समृद्धि लाने वाली देवी के रूप में माना जाता है।

Neel Saraswati Stotram का पाठ कैसे करना चाइये?

स्तोत्र के अंत में देवी को प्रणाम करके योनि मुद्रा दिखानी चाहिए। योनिमुद्रा के अभ्यास से साधक की बुद्धि तीव्र हो जाती है, मस्तिष्क में तुरंत निर्णय लेने की शक्ति आने लगती है। यदि स्तोत्र कंठस्थ है तो नीलसरस्वती स्तोत्र का पाठ योनिमुद्रा की स्थिति में करना बेहतर होता है। इस मुद्रा को कई तरह से लगाया जाता है, लेकिन मुख्य रूप से प्रचलित और सरल मुद्रा आपको पता होनी चाहिए। इसका चित्र निचे दिया गया हे।  

yoni mudra
yoni mudra

सिद्ध सरस्वती स्तोत्र का पाठ करने वाले भगतो पर पर अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव होता है; उनकी बुद्धि तीव्र होती है और उनके भीतर आत्म-ज्ञान जागृत होता है। अष्टमी, नवमी और चतुर्दशी के दिन नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करना बहुत फायदेमंद होता है – Neel Saraswati Stotram पाठ करने से समस्त शत्रुओ का नास हो जाता हे।   

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